News & updates

Date- 03-01-2019

गुरुवार

सबके सुख-दुख का ध्यान रखकर कराएंगे विकास

बेगूं विधायक राजेन्द्रीसंह विधुड़ी बुधवार को शिव वाटिका में गंगरार- पारसोली ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित अभिनन्दन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में गरीबों की सरकार बन चुकी है। उन्हें के बलबूते क्षेत्र के विकास को मूर्त रूप प्रदान किया जायेगा। विधायक राजेन्द्रीसंह विधुड़ी ने कहा कि जो सरकार नौकरशाही के भरोसे चलती है वह कभी भी सफल नहीं होती। अब प्रदेश में जनता की सरकार है, जहां आमजन के सुख-दुख का ध्यान रखकर चहुंमुखी विकास कराया जाएगा। उन्होंने ने कहा कि उनका विश्वास स्थानान्तरण की राजनीति नहीं रहा। भ्रष्टाचार में लिप्त नौकरशाही को यहीं रखकर सुधारने के लिए कदम उठाया जाएगा। अभिनन्दन समारोह की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष बालूराम जागेटिया ने की, पूर्व जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बागमल जाट, भदेसर के पूर्व प्रधान गोविन्दसिंह शक्तावत, वरिष्ठ अधिवक्ता चंपालाल जाट, गजराजसिंह चौहान व बोरदा सरपंच पप्पूलाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि थे। इससे पूर्व विधूड़ी का गंगरार पहुंचने कांग्रेसजनो ने स्वागत किया आतिशबाजी कर खुशियों का इजहार किया। अभिनन्दन समारोह में कई लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व कांग्रेस उपाध्यक्ष नारायणलाल गुर्जर ने किया।

Date- 24-08-2018

Friday

गंगरार पहुंची पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थि कलश यात्रा, श्रद्धांजलि देने ऊमडी जनता

Gangrar Latest News

गंगरार में पहुंची पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थि कलश यात्रा के आगमन पर प्रदेश के स्वायत्त शासन मंत्री श्री चंद कृपलानी, चित्तोड़गढ़ सांसद चंद्रप्रकाश जोशी के नेतृत्व में चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, बेगूं विधायक सुरेश धाकड़, भाजपा जिलाध्यक्ष रतन लाल गाडरी सहित आमजन एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अटल जी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की व अटलजी तेरा नाम अमर रहेगा के नारे लगाये...।
चित्तौड़गढ़ जिले की सीमा के प्रारंभ से ही सैकडो गाड़ियों का काफिला अस्थि कलश यात्रा के साथ गंगरार कस्बे में पहुंचा जहां पुष्पवर्षा कर अटलजी को श्रद्धांजलि दी गई...। इस मोके पर कपासन से पूर्व विधायक एवं डेरी चेयरमैन बद्री लाल जाट गंगरार प्रधान देवी लाल जाट भाजपा जिला महामंत्री देवी सिंह राणावत सहित बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और आमजन ने कलश पर पुष्पाजली अर्पित की और यात्रा को आगे बढ़ाया ...।

Date- 21-05-2018

Monday

तत्कालीन गंगरार सरपंच ने अपने ही रिश्तेदारों में बांटी रेवडिय़ां

गंगरार तत्कालीन सरपंच, बीडीओ, सचिवों एवं वार्ड पंचों की मिलीभगत से जारी हुए बापी पट्टे गंगरार पंचायत समिति1999 से 2004 तक किए फर्जीवाड़े की एसीबी ने की रिपोर्ट दर्ज उदयपुर। ग्राम पंचायत गंगरार में 1999 से 2004 के बीच सरपंच एवं तत्कालीन विकास अधिकारी ग्राम सचिवों ने मिलीभगत कर पंचायत राज नियमों के विपरीत जाकर पद का दुरूपयोग करते हुए मनमाफिक तरीके से अपने व अपने परिवार के सदस्यों के नाम बापी पट्टे जारी कर फर्जीवाड़ा करने का मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो चित्तौड़ के सीआई जगमल सिंह ने ग्राम पंचायत गंगरार के तत्कालीन विकास अधिकारी हाल सेवानिवृत्त विरेंद्र चौरे, तत्कालीन सचिव और हाल पंचायत समिति आसींद भीलवाड़ा में कार्यरत राजेंद्र सिंह पुरावत, शंभूलाल वैष्णव तत्कालीन सचिव हाल सचिव पंचायत सुवाणिया, तत्कालीन वार्ड पंच एवं लाभार्थी पट्टेधारक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (1) (सी) (डी), धारा 13 (2) एवं भादसं की धारा 193, 201 व 120-बी में मामला दर्ज कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। इस मामले में लिप्त तत्कालीन सरपंच सोहनलाल बलोटिया एवं तत्कालीन विकास अधिकारी घनश्यामलाल वीरवाल का जांच के दौरान निधन हो गया, इसलिए उनके मामला दर्ज नहीं किया गया।
इन आरोपियों पर आरोप है कि 1999 से 2004 तक ग्राम पंचायत गंगरार के तत्कालीन सरपंच स्व. सोहनलाल बालोटिया ने पंचायत राज नियमों के विपरीत जाकर पद का दुरूपयोग कर तत्कालीन विकास अधिकारी, ग्राम सचिवों के साथ मिलीभगत कर मनमाफिक तरीके से अपने स्वयं के नाम पुत्र गुणवंत, पत्नी सुमित्रा, रिश्तेदार निर्मला देवी पत्नी बाबूलाल, सुरेश पुत्र सोहनलाल, राधेश्याम पुत्र सोहन, शांति देवी पत्नी सुरेशचंद, दिलीप पुत्र रमेशचंद्र, चंद्रशेखर पुत्र रमेश, बाबूलाल पुत्र सोहनलाल, राजेंद्र पुत्र सोहनलाल, अलोत बाई पत्नी सोहनलाल, सोहनलाल पुत्र रामनारायण, के नाम पर पट्टा आबादी क्षेत्र का नहीं मानते हुए 200 रूपए जमा कर राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1996 के नियम 157 के तहत बापी पट्टे के रूप में पट्टे जारी कर लाखों रूपए का फर्जीवाड़ा किया है। दो सौ रूपये में दो सौ गुणा वर्गफीट का पट्टा, इसके अलावा इससे भी कहीं अधिक कई वर्गफीट के पट्टे जारी किए गए। पट्टों पर केवल सरपंच के ही हस्ताक्षर थे सचिव के नहीं थे। इन अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों ने जारी बापी पट्टे, जिन पर आस-पड़ौस के आधार पर पट्टे आबादी क्षेत्र के नहीं होकर राजमार्ग के पास की खाली भूमि के प्रतीत होते हैं, जबकि सरपंच द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के तहत पुराने निर्मित पत्रक आवासों के पट्टों के तौर पर जारी किया गया है तथा जिन पट्टों पर न तो सचिव के हस्ताक्षर है न ही पट्टों पर मिसल संख्या अथवा पट्टा शुल्क की रसीद संख्या आदि का उगेख है। इसके बावजूद अनेक पट्टों के नीचे पंचायत समिति के नियंत्रण रजिस्टर में इंद्राज का दाखिला लगा होकर तत्कालीन विकास अधिकारी विरेंद्र चौरे के हस्ताक्षर भी मौजूद है। विधि के विपरीत जारी पट्टों को तत्कालीन सरपंच एवं तत्कालीन विकास अधिकारी की संलिप्तता प्रकट होती है। ...।